नहीं रहे दक्षिण अफ्रीका के 'गांधी', 95 साल की उम्र में नेल्सन मंडेला का निधन
जोहांसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का निधन हो गया। यह जानकारी राष्ट्रपति जैकब जुमा ने गुरुवार रात दी। मंडेला 95 वर्ष के थे।
बीबीसी के मुताबिक, फेंफड़े में संक्रमण की वजह से उन्हें तीन माह तक अस्पताल में रहना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें उनके घर में ही गहन चिकित्सा सुविधा के दायरे में रखा गया था। जुमा ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर वक्तव्य जारी कर कहा मंडेला नहीं रहे। हमारे देश ने एक महान बेटे को खो दिया। जुमा ने कहा कि मंडेला को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी और राष्ट्रीय झंडा झुका रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक मंडेला का शव प्रिटोरिया स्थित कब्रिस्तान ले जाया जाएगा और अंतिम संस्कार शनिवार को होने की संभावना है। नोबेल पीस प्राइज से सम्मानित मंडेला विश्व के श्रेष्ठ नेताओं में थे। वह 2004 में राजनीति से सन्यास लेने के बाद से सार्वजनिक स्थान पर बेहद कम नजर आते थे। उन्हें 2010 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित फुटबॉल विश्वकप में आखिरी बार सार्वजनिक स्थान पर देखा गया था।जुमा ने कहा कि मंडेला को उनकी इंसानियत ने महान बनाया था। हमने उनमें वह देखा है, जो हम खुद में चाहते थे। देशवासियों मंडेला ने हमें साथ लाया और हम साथ में उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
अपने आप को नेल्सन मंडेला से प्रेरणा लेने वाले लाखों लोगों में से एक बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दक्षिण अफ्रीकी रंगभेद विरोध के प्रणेता के निधन पर शोक जताया और कहा कि दुनिया को उनके जैसा नेता दोबारा नहीं मिल सकता।
जोहांसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का निधन हो गया। यह जानकारी राष्ट्रपति जैकब जुमा ने गुरुवार रात दी। मंडेला 95 वर्ष के थे।
बीबीसी के मुताबिक, फेंफड़े में संक्रमण की वजह से उन्हें तीन माह तक अस्पताल में रहना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें उनके घर में ही गहन चिकित्सा सुविधा के दायरे में रखा गया था। जुमा ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर वक्तव्य जारी कर कहा मंडेला नहीं रहे। हमारे देश ने एक महान बेटे को खो दिया। जुमा ने कहा कि मंडेला को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी और राष्ट्रीय झंडा झुका रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक मंडेला का शव प्रिटोरिया स्थित कब्रिस्तान ले जाया जाएगा और अंतिम संस्कार शनिवार को होने की संभावना है। नोबेल पीस प्राइज से सम्मानित मंडेला विश्व के श्रेष्ठ नेताओं में थे। वह 2004 में राजनीति से सन्यास लेने के बाद से सार्वजनिक स्थान पर बेहद कम नजर आते थे। उन्हें 2010 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित फुटबॉल विश्वकप में आखिरी बार सार्वजनिक स्थान पर देखा गया था।जुमा ने कहा कि मंडेला को उनकी इंसानियत ने महान बनाया था। हमने उनमें वह देखा है, जो हम खुद में चाहते थे। देशवासियों मंडेला ने हमें साथ लाया और हम साथ में उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
अपने आप को नेल्सन मंडेला से प्रेरणा लेने वाले लाखों लोगों में से एक बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दक्षिण अफ्रीकी रंगभेद विरोध के प्रणेता के निधन पर शोक जताया और कहा कि दुनिया को उनके जैसा नेता दोबारा नहीं मिल सकता।
No comments:
Post a Comment